स्पर्श का प्रभाव देखें
जब किसी बीमारी से ग्रस्त हों और परम्परागत आयुर्वेदिक औषधि ले रहे हों तो औषधि का प्रभाव बढ़ाने के लिए यह भी कर सकते हैं। औषधि से संबंधित घटक से जुड़े पौधे की पत्ती अपने बूट में रख कर बूट पहन लें। इससे आपके तलवों को स्पर्श करती हुई पत्ती फायदा देगी। सर्दी-जुकाम हो तो गर्म तासीर वाली पत्ती अथवा गर्मी हो तो ठण्ढी तासीर वाली पत्ती का इस्तेमाल करें। पत्तियों का संबंध ग्रहों से भी होता है। बीमारी निवारण या कार्य सिद्धि के लिए अपनी राशि या नक्षत्र से संबंधित पेड़ की पत्ती अथवा जड़ को अपनी जेब में रखें या भुजा/गले में बाँध लें। इससे बीमारी का निवारण होने के साथ ही कार्य संपादन में सफलता मिलने में आसानी रहती है। ख़ासकर अपामार्ग की जड़ अपने साथ रखने से हर प्रकार के काम जल्द ही सिद्ध होते हैं
जब किसी बीमारी से ग्रस्त हों और परम्परागत आयुर्वेदिक औषधि ले रहे हों तो औषधि का प्रभाव बढ़ाने के लिए यह भी कर सकते हैं। औषधि से संबंधित घटक से जुड़े पौधे की पत्ती अपने बूट में रख कर बूट पहन लें। इससे आपके तलवों को स्पर्श करती हुई पत्ती फायदा देगी। सर्दी-जुकाम हो तो गर्म तासीर वाली पत्ती अथवा गर्मी हो तो ठण्ढी तासीर वाली पत्ती का इस्तेमाल करें। पत्तियों का संबंध ग्रहों से भी होता है। बीमारी निवारण या कार्य सिद्धि के लिए अपनी राशि या नक्षत्र से संबंधित पेड़ की पत्ती अथवा जड़ को अपनी जेब में रखें या भुजा/गले में बाँध लें। इससे बीमारी का निवारण होने के साथ ही कार्य संपादन में सफलता मिलने में आसानी रहती है। ख़ासकर अपामार्ग की जड़ अपने साथ रखने से हर प्रकार के काम जल्द ही सिद्ध होते हैं
No comments:
Post a Comment